Sunday, May 23, 2010

वो यारों की महफिले

वो यारों की महफिले..
वो मुस्कुराते पल .....
दिल से जुदा है अपना बीता हुआ कल....
कभी ज़िन्दगी गुजरती थी वक़्त बिताने में...
आज वक़्त गुजरता है चंद कागज के नोट कमाने में......!!!

3 comments:

Apanatva said...

so true.......

SK said...

thanks

Anonymous said...

"कभी ज़िन्दगी गुजरती थी वक़्त बिताने में...
आज वक़्त गुजरता है चंद कागज के नोट कमाने में......!!!"

सब के साथ - सब की बात