
अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में radiology डिपार्टमेन्ट के रिपोर्टिंग रूम में टंगे ब्लेक बोर्ड पर10 साल पहले लिखी एक फिमेल रेसिडेंट की उक्ती (जहाँ जाट ने अपनी residency की थी )
जब रोज़ कमेटी हमें जुगाड़ से मिली तो सबसे पहला ऑर्डर जाट-2 ने दिया "कुछ डिसकाऊंट है ?उसने पूछा था ,कैसा डिस काउंट मेरे साथ रोज कमेटी वाली लड़की ने पूछा ?अरे वही जो बड़ी बड़ी कंपनिया देती है एक के साथ एक फ्री जैसा कुछ ? ....जाट बोला ।प्रदीप ये रोज है .....वो लड़की बोली॥ जाट ने एक साथ ढेरो पिंक रोज बुक कराये ओर कॉलेज की सारी जूनियर सीनियर खूबसूरत लड़कियों के नाम लिख कर दे दिये ..प्रगतिशील जाट था इसलिए ना धर्म ,ना जात,ना उम्र, ना कद कोई भी आडे नही आया ..फिक्स हो या " हाँ या ना" में लड़की अटकी पड़ी हो ...सबको रोज ...उनमे से एक दो लड़किया ऐसी थी जो फिक्स थी ओर खासी रौबीली थी ओर उस वक़्त हम वैसे भी थर्ड इयर में थे सो थोड़ा घबराहट भी हुई "अबे जाट वहां रहने दे 'मैंने उसे अकेले में समझाया ...क्यों पिंक रोज देने में के है ?लाल थोड़े ही ना दे रहा हूँ ? खैर हमने डरते पड़ते उसके रोज भी सारे रोज के साथ बाँट दिये ,रात को cultural evening थी ,लड़किया साडीयो ओर खूबसूरत लहंगों में ऑडिटोरियम में आती ..गजल का प्रोग्राम था ...हम एक जगह बैठे हुए थे ..अचानक वही रौबीली मोहतरमा अपने बॉय फ्रेंड के साथ दिखी ..हम थोड़ा सिमट गये....हे प्रदीप तुम्हारा रोज मिला ..थैंक्यू ..वे बोली ......तो आज से अपां दोस्त...जाट बोला था ......
कल जाट का जन्मदिन है , दोपहर बाद साडे तीन घंटे की ड्राइव के बाद उससे मिलने जा रहा हूँ..... चियर्स
15th may
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